इश्क़ का फ़साना...
By Asmita Birajdar
इश्क़ का भी अपना एक अलग ही फ़साना है, ना इसे पाया है, ना इसे खोना है...
बस उसकी एक मुस्कान में अपना सुकून ढूँढ लेना है, उसकी ख़ामोशी को भी बिना पूछे समझ लेना है।
ना कोई वादा चाहिए, ना कोई रिश्ता नाम का, बस वो शख़्स दिल में रहे और एहसास रहे इश्क़ का...