Hemu senthiya

Poet · Gwalior · India

I wrote specially social issues for poetry.

A writing journey

Hello everyone,my name is hemu senthiya.i like poetry too much and I love writing.i came in t.v. reality show.one is KISME KITNA HAI DUM (doordarshan channel) and another is India's talent fight (9xm channel).plz everyone blessed me I be winner in these t.v. shows. Thank you so much

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शीर्षक - "नयन घात"

शीर्षक - "नयन घात" प्रेमी युगल, जिसने किया ग्राम बदनाम प्रेमी उन्मुक्त, नोजवान,कवि और मस्तराम, प्रेमिका त्यागकर ,लोक-लाज की शरम, प्रेम के लिए सर्वस्व न्योछावर संग करम। बरसात ऋतु में झमाझम बारिश की झड़ी लगी थी, दोनों का मिलन नियत हुआ,वो "बरसात की एक घड़ी थी। तर वस्त्रों में, जर्जर झोपड़ी में, प्रेमिका का प्रवेश होना वृद्ध मां का उस पर क्रोध करना प्रेमिका को प्रिय ही था उसका प्यार। शहर से "कवि के पद" के लिए आया पत्र, और ना चाहते हुए भी,प्रेमिका के हठ करने पर, विरह की वेदना में जलकर, प्रेमी ने प्रस्थान किया शहर की ओर। पुराने प्रेमी का प्रेमिका के जीवन में दस्तक देना, और प्रेम का प्रस्ताव रखना, बावजूद इसके प्रेमिका का इंकार करना, और अपने प्रेमी के लिए समर्पित होना। अकस्मात वृद्ध मां का स्वर्ग के लिए प्रस्थान हुआ, परंतु पुराने प्रेमी का जर्जर झोपड़ी में आना निरूद्ध ना हुआ। प्रेमिका का प्रेमी की प्रतिलिपि का पठन करना, उस प्रतिलिपि को उसके प्रेमी का स्पर्श करना, उंगलियों से पृष्ठों को पलटाना, उस स्पर्श की अनुभूति के लिए, प्रेमिका ने प्रतिलिपि को खरीदा था, तथापि जर्जर झोपड़ी में खाना - पीना ना था। भूले-भटके झोपड़ी की देहलीज पर, प्रेमी का दस्तक देना उस दौर पर। काया को अंदर तक झकझोर देने वाला दृश्य था, प्रेमिका,पुराना प्रेमी तथा शिशु पालने में था। यह देखकर प्रेमी ने कोई प्रश्न तो ना किया, परंतु रुदन को ग्रीवा में थामकर,गहरी सांस लेकर, निढाल काया को,चरणों के साथ प्रस्थान किया। वापस शहर में "मशहूर कवि" की पदवी ली, और अपने नयन घात की सुध न ली। शिशु का जन्म उस "बरसात के एक दिन" के मिलन के निम्मित था।

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