गिल्लू (Gillu) by Mahadevi Verma: सार, प्रश्न-उत्तर, कक्षा 9 संचयन
Quick answer: गिल्लू (Gillu) महादेवी वर्मा का रेखाचित्र, कक्षा 9 संचयन भाग 1: गिलहरी के बच्चे की पूरी कहानी अंत सहित, विषय, शैली और परीक्षा के प्रश्न-उत्तर।
गमले और दीवार की संधि में एक गिलहरी का नन्हा बच्चा पड़ा है, दो कौवे उस पर चोंच मार चुके हैं, और एक लेखिका उसे उठाकर रुई से दूध पिलाने का प्रयास कर रही है। महादेवी वर्मा का यह रेखाचित्र संचयन भाग 1 का सबसे प्रिय पाठ है।
पाठ का सार
सोनजुही की लता में एक पीली कली देखकर लेखिका को गिल्लू की याद आती है। कुछ वर्ष पहले उन्होंने कौवों से घायल गिलहरी के बच्चे को उठाया, घाव पर मरहम लगाया, रुई की बत्ती से दूध पिलाया और वह बच गया। उसका नाम गिल्लू पड़ा।
बड़ा होने पर लेखिका ने खिड़की की जाली का एक कोना खोल दिया ताकि वह बाहर गिलहरियों के साथ खेल सके; वह दिन भर बाहर रहकर ठीक समय पर लौट आता। जब लेखिका दुर्घटना के बाद बीमार पड़ीं, गिल्लू तकिये पर बैठकर अपने छोटे पंजों से उनके सिर और बाल सहलाता। एक दिन उसने कुछ नहीं खाया, रात में वह लेखिका की उँगली पकड़े रहा और सुबह ठंडा पड़ गया। उन्होंने उसे सोनजुही की लता के नीचे दफ़नाया, इस विश्वास के साथ कि किसी बसंत वह पीली कली बनकर खिलेगा।
पात्र
गिल्लू चंचल, स्नेही और समझदार गिलहरी है, जिसमें कृतज्ञता और परिचर्या की भावना दिखती है। लेखिका ममतामयी संरक्षक हैं, जो प्राणी को कैद नहीं करतीं, उसे बाहर की दुनिया का रास्ता देती हैं।
विषय और संदेश
अपेक्षित व्याख्या: प्राणी-प्रेम, करुणा और मृत्यु को प्रकृति के चक्र के रूप में स्वीकारना। कौवे का दोहरा रूप, जो श्राद्ध में पूजा जाता है और यहाँ हमलावर है, विरोधाभास पर प्रश्न लाता है।
मेरी टिप्पणी: पाठ का सबसे परिपक्व क्षण जाली खोलने वाला है। प्रेम का प्रमाण बाँधकर रखना नहीं, जाने का रास्ता देना है, और गिल्लू लौटता है क्योंकि वह स्वतंत्र है। यही पंक्ति इस रेखाचित्र को बाल-कथा से ऊपर ले जाती है।
लेखक की शैली और शिल्प
महादेवी संस्कृतनिष्ठ शब्दों को छोटे वाक्यों में रखती हैं, इसलिए भाषा भारी होते हुए भी बहती है। रेखाचित्र स्मृति से खुलता है और उसी कली पर लौटकर बंद होता है, यानी वृत्ताकार संरचना। Writory की लघुकथा प्रतियोगिता में, जहाँ 13 वर्ष से ऊपर कोई भी किसी भी भाषा में लिख सकता है और हर प्रतिभागी को 100 में स्कोर मिलता है, यही वृत्ताकार ढाँचा भावनात्मक प्रभाव के अंकों में सबसे ज़्यादा काम आता है।
परीक्षा के लिए
संक्षिप्त सामग्री:
- शब्दार्थ: संधि = जोड़; परिचारिका = सेवा करने वाली; काकभुशुंडि = रामकथा के ज्ञानी कौवे; समादरित = सम्मानित; अवतरण = उतरना; लघुप्राण = छोटा जीव; निश्चेष्ट = बिना हरकत।
- चरित्र-चित्रण (गिल्लू): गिल्लू घायल अवस्था में बचाया गया गिलहरी का बच्चा है, जो लेखिका से गहरा जुड़ जाता है। वह चंचल है, लिखते समय ध्यान खींचने के लिए पैरों से सिर तक दौड़ता है, थाली से काजू लेता है। स्वतंत्रता मिलने पर भी समय पर लौटता है। लेखिका की बीमारी में तकिये पर बैठकर उनका सिर सहलाता है। उसमें कृतज्ञता, समझ और स्नेह की मानवीय झलक है।
- प्रश्न: लेखिका ने खिड़की की जाली क्यों खोली? उत्तर: गिल्लू बड़ा हो गया था और बाहर की गिलहरियों को देखता रहता था; उन्होंने उसे स्वतंत्रता दी, वह खेलकर समय पर लौट आता था।
- प्रश्न: गिल्लू ने लेखिका की बीमारी में क्या किया? उत्तर: वह तकिये पर बैठकर अपने छोटे पंजों से उनके सिर और बाल सहलाता, मानो परिचारक हो।
- प्रश्न: लेखिका ने गिल्लू को सोनजुही के नीचे क्यों दफ़नाया? उत्तर: उन्हें विश्वास था कि वह किसी बसंत उसी लता में पीली कली बनकर खिलेगा।
- सौ शब्दों में सार: सोनजुही की कली देखकर महादेवी को गिल्लू की याद आती है। उन्होंने कौवों से घायल गिलहरी के बच्चे को बचाया, रुई से दूध पिलाया और वह स्वस्थ हुआ। बड़ा होने पर लेखिका ने जाली खोल दी; वह बाहर खेलकर समय पर लौटता। उनकी बीमारी में वह तकिये पर बैठकर सिर सहलाता। गिलहरी की आयु लगभग दो वर्ष होती है; एक दिन गिल्लू ने कुछ नहीं खाया, रात लेखिका की उँगली पकड़े रहा और सुबह चल बसा। उन्होंने उसे सोनजुही के नीचे दफ़नाया, इस विश्वास से कि वह कली बनकर खिलेगा।
What writers can take from this
- रेखाचित्र विधा की विशेषता उत्तर में लिखें: एक व्यक्ति या प्राणी का शब्द-चित्र, घटनाएँ संक्षिप्त, भाव प्रधान।
- कौवे के दोहरे रूप वाला प्रश्न प्रायः आता है; श्राद्ध और आक्रमण दोनों पक्ष लिखें।
- अंत में मृत्यु को शोक नहीं, पुनर्जन्म के विश्वास से जोड़ें; परीक्षक यही व्याख्या चाहते हैं।
- अपनी कहानी को किसी वस्तु से शुरू करके उसी पर समाप्त करें, वृत्त बनता है।
- भाव बताने से बचें, हरकत दिखाएँ; तकिये पर बैठा गिल्लू सौ विशेषणों से ज़्यादा कहता है।
Try it yourself
किसी प्राणी की देखभाल की कहानी लिखिए जिसमें असली परीक्षा तब आए जब आपको उसे जाने की आज़ादी देनी पड़े। कहानी उसी जगह समाप्त हो जहाँ से शुरू हुई थी।
Questions
गिल्लू पाठ का सार क्या है?
महादेवी वर्मा कौवों से घायल गिलहरी के बच्चे को बचाती हैं और उसका नाम गिल्लू रखती हैं। वह उनके साथ लगभग दो वर्ष रहता है, उनकी बीमारी में परिचारक बनता है, और मृत्यु के बाद सोनजुही की लता के नीचे दफ़नाया जाता है।
गिल्लू की मृत्यु कैसे हुई?
गिलहरी की आयु लगभग दो वर्ष होती है। एक दिन उसने कुछ नहीं खाया, रात भर लेखिका की उँगली पकड़े रहा और सुबह ठंडा पड़ गया।
गिल्लू किस विधा की रचना है?
यह रेखाचित्र है, जिसमें लेखिका एक छोटे प्राणी का स्नेहपूर्ण शब्द-चित्र खींचती हैं।
By the Writory editorial team, reviewed by working writers. Updated September 2026.
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