जामुन का पेड़ (Jamun Ka Ped) by Krishan Chander: सार, प्रश्न-उत्तर, कक्षा 11 आरोह
Quick answer: जामुन का पेड़ (Jamun Ka Ped) कृश्न चंदर की व्यंग्य कहानी, कक्षा 11 आरोह भाग 1: पेड़ के नीचे दबे कवि और फ़ाइलों की पूरी कथा अंत सहित, विषय और परीक्षा के प्रश्न-उत्तर।
आँधी में सचिवालय के लॉन का जामुन का पेड़ गिरता है और उसके नीचे एक आदमी दब जाता है, जो अब भी जीवित है और कविता सुना रहा है; सवाल यह है कि उसे निकालने की फ़ाइल किस विभाग की है। कृश्न चंदर का यह व्यंग्य आरोह भाग 1 में संकलित है।
पाठ का सार
सुबह माली देखता है कि रात की आँधी में गिरे जामुन के पेड़ के नीचे एक आदमी दबा है। क्लर्क, सुपरिंटेंडेंट और बाकी लोग जुटते हैं। पेड़ हटाने का काम व्यापार विभाग को सौंपा जाता है, जो उसे कृषि विभाग का बताता है; कृषि विभाग उसे उद्यान विभाग के पास भेजता है। उद्यान विभाग कहता है कि पेड़ फल देता है और उसे काटा नहीं जा सकता। इसी बीच पता चलता है कि दबा आदमी कवि है, तो फ़ाइल सांस्कृतिक विभाग पहुँचती है।
फिर पता चलता है कि पेड़ किसी विदेशी राज्य के प्रधानमंत्री ने लगाया था, इसलिए विदेश विभाग की सहमति ज़रूरी है। माली उसे दाल-भात खिलाता रहता है। मामला प्रधानमंत्री तक जाता है, जो विदेश यात्रा पर हैं। अंततः प्रधानमंत्री का आदेश आता है कि पेड़ काटकर आदमी को निकाला जाए। जब आदेश की फ़ाइल लॉन तक पहुँचती है, आदमी मर चुका है।
पात्र
दबा हुआ कवि पूरी कहानी में प्रायः मूक है। माली अकेला मनुष्य है, जो नियम नहीं, भूख देखता है। क्लर्क, अधिकारी, विभागों के सचिव और प्रधानमंत्री एक ही व्यवस्था के चेहरे हैं, जिनमें कोई खलनायक नहीं और सब मिलकर हत्यारे हैं।
विषय और संदेश
अपेक्षित व्याख्या: नौकरशाही की जड़ता, लालफ़ीताशाही में मानवीय संवेदना का मर जाना, और कला के प्रति समाज की उपेक्षा।
मेरी टिप्पणी: कहानी का सबसे क्रूर व्यंग्य सांस्कृतिक विभाग वाला है, जहाँ मरते कवि को सदस्यता देने पर बहस होती है। समाज कलाकार को सम्मान देना चाहता है, बचाना नहीं।
लेखक की शैली और शिल्प
कृश्न चंदर बेतुकेपन को सरकारी भाषा में लिखते हैं, इसलिए हर हास्यास्पद निर्णय विश्वसनीय लगता है। कहानी विभाग-दर-विभाग एक शृंखला में बढ़ती है और हर कड़ी पर दबा आदमी थोड़ा और कमज़ोर होता है; हँसी और मृत्यु समानांतर चलती हैं। अंतिम पंक्ति सूचना है, टिप्पणी नहीं।
परीक्षा के लिए
संक्षिप्त सामग्री:
What writers can take from this
- विभागों का क्रम (व्यापार, कृषि, उद्यान, सांस्कृतिक, विदेश, प्रधानमंत्री) याद रखें; सार-प्रश्न इसी पर टिकता है।
- माली को व्यवस्था के विपरीत मनुष्य के रूप में अलग से लिखें।
- अंत को 'सूचना, टिप्पणी नहीं' कहकर शिल्प के प्रश्न में अंक लें।
- व्यंग्य में बेतुकी प्रक्रिया को गंभीर सरकारी भाषा में लिखें, हँसी खुद आएगी।
- शृंखला-संरचना बनाइए जिसमें हर कड़ी पीड़ित को थोड़ा और कमज़ोर करे।
Try it yourself
कोई व्यक्ति किसी सार्वजनिक जगह पर तुरंत मदद का हक़दार है, पर मदद के लिए एक फ़ाइल चलती है। हर विभाग की एक बैठक लिखिए और कहानी उस क्षण पर समाप्त कीजिए जब निर्णय आता है।
Questions
जामुन का पेड़ कहानी का सार क्या है?
सचिवालय के लॉन में गिरे पेड़ के नीचे दबे कवि को निकालने की फ़ाइल विभागों में घूमती रहती है; जब प्रधानमंत्री का पेड़ काटने का आदेश आता है, कवि मर चुका होता है। यह नौकरशाही पर व्यंग्य है।
जामुन का पेड़ किस पर व्यंग्य है?
लालफ़ीताशाही, विभागों की ज़िम्मेदारी टालने की प्रवृत्ति और व्यवस्था की संवेदनहीनता पर, साथ ही कलाकार को सम्मान देकर उसकी उपेक्षा करने वाले समाज पर।
कहानी में माली की क्या भूमिका है?
माली अकेला पात्र है जो दबे आदमी को इंसान की तरह देखता है, उसे दाल-भात खिलाता है और नियमों से ऊपर उसकी भूख को रखता है।
By the Writory editorial team, reviewed by working writers. Updated September 2026.
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