आज फिर उस की तस्वीर देखीby Kasim Memonआज फिर उस की तस्वीर देखीअपने हाथों में ज़ंजीर देखीआँख में उस की जलते उजालेउस की पलकों पे तासीर देखीईद है और तुम याद आएमाँ के हाथों में फिर खीर देखी— Kasim MemonPublished on the Writory Wall.